साहित्य संवर्धन एवं सामाजिक सेवा के 8 वर्ष

करुणा, पारदर्शिता और समर्पण से समृद्ध समाज का निर्माण

2018 से साहित्यिक चेतना का संवर्धन तथा अशक्त, अक्षम एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को सेवा, सहायता और सहयोग प्रदान करते हुए निरंतर अग्रसर। हम विश्वास करते हैं कि साहित्य से संस्कृति और करुणा से समाज सशक्त होता है।

नीति आयोग NGO दर्पण पंजीकृत
धारा 80G व 12A आयकर छूट प्रमाणित
100% पारदर्शी ऑडिट रिपोर्ट
संस्थागत प्रभाव
10,000+ अशक्त व जरूरतमंद लाभार्थी

साहित्यिक गतिविधियों का विस्तार एवं अशक्त, अक्षम व जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्यक्ष सहायता।

सत्यापित सामाजिक लेखा-जोखा
काव्य गोष्ठी एवं साहित्यिक संवाद में सहभागी विद्वान व साहित्यकार
प्रारंभिक चरण • 2018

काव्य गोष्ठी व जनसेवा से शुरू हुआ गरिमामय सफ़र

साहित्यिक संवाद और अशक्तजनों की सेवा को समर्पित पहल।

हमारी उत्पत्ति एवं यात्रा

ज़मीनी हकीकत से उपजा एक सामूहिक संकल्प

वर्ष 2018 में साहित्यकारों, कवियों एवं समाजसेवियों के एक समूह ने महसूस किया कि समाज में साहित्यिक चेतना का प्रसार और अशक्तजनों की सेवा एक साथ होनी चाहिए।

हमने काव्य गोष्ठियों से अपनी साहित्यिक यात्रा और जरूरतमंद परिवारों को सीधी सहायता प्रदान करने से अपनी सामाजिक सेवा यात्रा आरंभ की। बिना किसी आडंबर के, निष्ठा और समर्पण के साथ 'Kamla NarayanTrust' की नींव रखी गई।

125+ काव्य गोष्ठियाँ
10,000+ अशक्त व जरूरतमंद सहायता

आज Kamla NarayanTrust साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने तथा अशक्त व अक्षम व्यक्तियों का सम्बल बनने हेतु निरंतर सेवारत है।

local_florist हमारी प्रेरणा पुंज • मातृ-स्मृति

पुण्यस्मृति: स्व. श्रीमती कमला देवी

जिस वात्सल्य और असीम करुणा की पावन छाया में 'कमला ट्रस्ट' की नींव रखी गई

auto_awesome
auto_awesome
पुण्यस्मृति स्व. श्रीमती कमला देवी - प्रेरणा पुंज कमला ट्रस्ट
संरक्षक व प्रेरणास्रोत

स्व. श्रीमती कमला देवी

(कमला ट्रस्ट की मूल प्रेरणा स्रोत एवं वात्सल्य मूर्ति)

"जीवन की सच्ची सार्थकता निस्वार्थ भाव से दूसरों के दुःखों का हरण करने और समाज में ज्ञान व करुणा का प्रकाश फैलाने में है।"

— स्व. श्रीमती कमला देवी (मातृ-वाक्य)

कमला ट्रस्ट का नाम न्यास संस्थापक की पूज्य माता जी, **स्व. श्रीमती कमला देवी** की पावन स्मृति और उनके अमर जीवन आदर्शों को समर्पित है। उनका जीवन सादगी, अगाध वात्सल्य, धर्मनिष्ठा और समाज के निर्बल व असहाय वर्गों के प्रति असीम करुणा का पर्याय था।

घर के आँगन से सहज भाव से प्रारंभ हुई उनकी दानशीलता, आतिथ्य और सेवा भावना ने ही संस्थापक के मन में एक स्थायी संस्थागत स्वरूप देने की प्रेरणा जगाई। उन्हीं के संस्कारों के परिणामस्वरूप वर्ष 2018 में इस न्यास का बीजारोपण हुआ।

आज न्यास द्वारा संचालित प्रत्येक निःशुल्क चिकित्सा शिविर, साहित्यिक संवर्धन आयोजन, शिक्षा सहयोग व अशक्त सहायता अभियान उन्हीं के आशीर्वाद और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने का एक विनम्र प्रयास है।

असीम वात्सल्य व करुणा

समाज के अंतिम व्यक्ति और अशक्त जनों के प्रति संवेदनशीलता।

संस्कार व साहित्य संवर्धन

आने वाली पीढ़ियों में नैतिक मूल्यों व भाषाई चेतना का संचार।

निःस्वार्थ जनसेवा

बिना किसी भेद-भाव के असहायों और जरूरतमंदों का सम्बल बनना।

हमारा मार्गदर्शन

ध्येय, दृष्टि और आधारभूत मूल्य

हमारा प्रत्येक कदम उन नैतिक मूल्यों और स्पष्ट प्राथमिकताओं से प्रेरित होता है जो हमारे संगठन की आत्मा हैं।

हमारा ध्येय (Mission)

साहित्य संवर्धन व जनसेवा

काव्य, साहित्य व भाषा संवर्धन के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना जगाना तथा अशक्त, अक्षम एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को मानवीय सेवा, सहायता और सहयोग प्रदान करना।

हमारी दृष्टि (Vision)

संवेदनशील व सुसंस्कृत समाज

एक ऐसे संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण जहाँ साहित्य व संस्कृति का निरंतर प्रवाह हो और प्रत्येक अशक्त व जरूरतमंद व्यक्ति को गरिमापूर्ण जीवन व समय पर सहयोग मिल सके।

हमारे मूल मूल्य (Values)

निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता

  • साहित्यिक निष्ठा (Literary Dedication): भाषा, काव्य व संस्कृति का निरंतर संवर्धन।
  • मानवीय संवेदना (Compassion): अशक्त, अक्षम व जरूरतमंदों के प्रति करुणा व सेवाभाव।
  • पारदर्शिता (Transparency): सार्वजनिक ऑडिट व 100% पारदर्शी वित्तीय ब्योरा।
  • सहयोग (Humanitarian Service): निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता।
निरंतर प्रगति का इतिहास

हमारी विकास यात्रा एवं मुख्य पड़ाव

शुरुआत से लेकर आज तक, प्रत्येक वर्ष समुदाय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होती गई है।

  1. वर्ष 2018

    संस्था की स्थापना

    ट्रस्ट का विधिवत पंजीकरण, प्रथम काव्य गोष्ठी एवं जरूरतमंद सहायता अभियान की शुरुआत।

  2. वर्ष 2020

    आपदा में सहयोग

    कोविड आपदा काल में अशक्तजनों व जरूरतमंद परिवारों को आपातकालीन राशन, वस्त्र व औषधि सहायता।

  3. वर्ष 2022

    रचनाकार सम्मान

    'रचनाकार सम्मान समारोह' की शुरुआत एवं असहाय मरीजों हेतु चिकित्सा सहायता कोष।

  4. वर्ष 2024

    इ-पत्रिका व संपादन

    त्रैमासिक साहित्यिक इ-पत्रिका का नियमित संपादन एवं क्षेत्रीय कवि सम्मेलन श्रृंखला।

  5. वर्ष 2026 (वर्तमान)

    डिजिटल साहित्य आर्काइव

    डिजिटल साहित्य आर्काइव, पुस्तक प्रकाशन एवं निरंतर अशक्त सेवा विस्तार।

विश्वसनीय नेतृत्व

हमारे संस्थापक एवं गवर्निंग बोर्ड

अनुभवी शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक समर्पित मंडल, जो संगठन को सुदृढ़ दिशा प्रदान करता है।

डॉ. राजेश्वर शर्मा

डॉ. राजेश्वर शर्मा

संस्थापक एवं मुख्य प्रबंध न्यासी

सामुदायिक स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास में 25+ वर्षों का अनुभव। पूर्व सलाहकार, राज्य स्वास्थ्य मिशन।

श्रीमती विनीता देशपांडे

श्रीमती विनीता देशपांडे

निदेशक — ग्रामीण शिक्षा व बाल कल्याण

बाल अधिकार व प्राथमिक शिक्षा की विशेषज्ञ। 18 वर्षों तक विभिन्न राष्ट्रीय NGO में बालिकाओं की शिक्षा हेतु सक्रिय।

श्री आनंद प्रकाश

श्री आनंद प्रकाश

वरिष्ठ सलाहकार — वित्त व सुशासन

चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं सामाजिक उद्यम वित्त विशेषज्ञ। संस्था के पारदर्शी वित्तीय ढांचे के मुख्य संचालक।

प्रो. मीनाक्षी सहाय

प्रो. मीनाक्षी सहाय

संरक्षक — महिला आजीविका संवर्धन

महिला स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म आजीविका मॉडल्स पर 20+ वर्षों का शोध व जमीनी क्रियान्वयन अनुभव।

खुली किताब, पूर्ण विश्वास

कानूनी प्रमाणन एवं वित्तीय पारदर्शिता

Kamla NarayanTrust भारत सरकार के सभी विनियामक एवं वैधानिक मानकों का शत-प्रतिशत पालन करता है। प्रत्येक दानदाता का एक-एक पैसा पूर्ण जवाबदेही के साथ समुदाय के कल्याण में लगाया जाता है।

125+ काव्य गोष्ठियाँ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
10,000+ अशक्त व जरूरतमंद चिकित्सा, खाद्य व वस्त्र सहायता प्राप्त
500+ कवि व साहित्यकार रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े
50+ पुस्तके व इ-पत्रिका अंक संरक्षित व प्रकाशित साहित्यिक कृतियाँ
सहयोग का एक हाथ, अनेक जिंदगियों में रौशनी

आप भी इस सकारात्मक बदलाव के सहभागी बनें

आपका छोटा सा योगदान किसी बच्चे के भविष्य को संवार सकता है अथवा किसी बुजुर्ग को निःशुल्क उपचार दे सकता है।

सुरक्षित दान प्रक्रिया