डॉ. राजेश्वर शर्मा
संस्थापक एवं मुख्य प्रबंध न्यासीसामुदायिक स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास में 25+ वर्षों का अनुभव। पूर्व सलाहकार, राज्य स्वास्थ्य मिशन।
2018 से साहित्यिक चेतना का संवर्धन तथा अशक्त, अक्षम एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को सेवा, सहायता और सहयोग प्रदान करते हुए निरंतर अग्रसर। हम विश्वास करते हैं कि साहित्य से संस्कृति और करुणा से समाज सशक्त होता है।
साहित्यिक गतिविधियों का विस्तार एवं अशक्त, अक्षम व जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्यक्ष सहायता।
सत्यापित सामाजिक लेखा-जोखा
काव्य गोष्ठी व जनसेवा से शुरू हुआ गरिमामय सफ़र
साहित्यिक संवाद और अशक्तजनों की सेवा को समर्पित पहल।
वर्ष 2018 में साहित्यकारों, कवियों एवं समाजसेवियों के एक समूह ने महसूस किया कि समाज में साहित्यिक चेतना का प्रसार और अशक्तजनों की सेवा एक साथ होनी चाहिए।
हमने काव्य गोष्ठियों से अपनी साहित्यिक यात्रा और जरूरतमंद परिवारों को सीधी सहायता प्रदान करने से अपनी सामाजिक सेवा यात्रा आरंभ की। बिना किसी आडंबर के, निष्ठा और समर्पण के साथ 'Kamla NarayanTrust' की नींव रखी गई।
आज Kamla NarayanTrust साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने तथा अशक्त व अक्षम व्यक्तियों का सम्बल बनने हेतु निरंतर सेवारत है।
जिस वात्सल्य और असीम करुणा की पावन छाया में 'कमला ट्रस्ट' की नींव रखी गई
(कमला ट्रस्ट की मूल प्रेरणा स्रोत एवं वात्सल्य मूर्ति)
"जीवन की सच्ची सार्थकता निस्वार्थ भाव से दूसरों के दुःखों का हरण करने और समाज में ज्ञान व करुणा का प्रकाश फैलाने में है।"
कमला ट्रस्ट का नाम न्यास संस्थापक की पूज्य माता जी, **स्व. श्रीमती कमला देवी** की पावन स्मृति और उनके अमर जीवन आदर्शों को समर्पित है। उनका जीवन सादगी, अगाध वात्सल्य, धर्मनिष्ठा और समाज के निर्बल व असहाय वर्गों के प्रति असीम करुणा का पर्याय था।
घर के आँगन से सहज भाव से प्रारंभ हुई उनकी दानशीलता, आतिथ्य और सेवा भावना ने ही संस्थापक के मन में एक स्थायी संस्थागत स्वरूप देने की प्रेरणा जगाई। उन्हीं के संस्कारों के परिणामस्वरूप वर्ष 2018 में इस न्यास का बीजारोपण हुआ।
आज न्यास द्वारा संचालित प्रत्येक निःशुल्क चिकित्सा शिविर, साहित्यिक संवर्धन आयोजन, शिक्षा सहयोग व अशक्त सहायता अभियान उन्हीं के आशीर्वाद और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने का एक विनम्र प्रयास है।
समाज के अंतिम व्यक्ति और अशक्त जनों के प्रति संवेदनशीलता।
आने वाली पीढ़ियों में नैतिक मूल्यों व भाषाई चेतना का संचार।
बिना किसी भेद-भाव के असहायों और जरूरतमंदों का सम्बल बनना।
हमारा प्रत्येक कदम उन नैतिक मूल्यों और स्पष्ट प्राथमिकताओं से प्रेरित होता है जो हमारे संगठन की आत्मा हैं।
काव्य, साहित्य व भाषा संवर्धन के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना जगाना तथा अशक्त, अक्षम एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को मानवीय सेवा, सहायता और सहयोग प्रदान करना।
एक ऐसे संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण जहाँ साहित्य व संस्कृति का निरंतर प्रवाह हो और प्रत्येक अशक्त व जरूरतमंद व्यक्ति को गरिमापूर्ण जीवन व समय पर सहयोग मिल सके।
शुरुआत से लेकर आज तक, प्रत्येक वर्ष समुदाय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होती गई है।
ट्रस्ट का विधिवत पंजीकरण, प्रथम काव्य गोष्ठी एवं जरूरतमंद सहायता अभियान की शुरुआत।
कोविड आपदा काल में अशक्तजनों व जरूरतमंद परिवारों को आपातकालीन राशन, वस्त्र व औषधि सहायता।
'रचनाकार सम्मान समारोह' की शुरुआत एवं असहाय मरीजों हेतु चिकित्सा सहायता कोष।
त्रैमासिक साहित्यिक इ-पत्रिका का नियमित संपादन एवं क्षेत्रीय कवि सम्मेलन श्रृंखला।
डिजिटल साहित्य आर्काइव, पुस्तक प्रकाशन एवं निरंतर अशक्त सेवा विस्तार।
अनुभवी शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक समर्पित मंडल, जो संगठन को सुदृढ़ दिशा प्रदान करता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास में 25+ वर्षों का अनुभव। पूर्व सलाहकार, राज्य स्वास्थ्य मिशन।
बाल अधिकार व प्राथमिक शिक्षा की विशेषज्ञ। 18 वर्षों तक विभिन्न राष्ट्रीय NGO में बालिकाओं की शिक्षा हेतु सक्रिय।
चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं सामाजिक उद्यम वित्त विशेषज्ञ। संस्था के पारदर्शी वित्तीय ढांचे के मुख्य संचालक।
महिला स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म आजीविका मॉडल्स पर 20+ वर्षों का शोध व जमीनी क्रियान्वयन अनुभव।
Kamla NarayanTrust भारत सरकार के सभी विनियामक एवं वैधानिक मानकों का शत-प्रतिशत पालन करता है। प्रत्येक दानदाता का एक-एक पैसा पूर्ण जवाबदेही के साथ समुदाय के कल्याण में लगाया जाता है।
आपका छोटा सा योगदान किसी बच्चे के भविष्य को संवार सकता है अथवा किसी बुजुर्ग को निःशुल्क उपचार दे सकता है।